Khel Vidheyak 2025

Khel Vidheyak 2025: भारत में खेल प्रशासन व एंटी-डोपिंग में ऐतिहासिक सुधार

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दोस्तों, Khel Vidheyak 2025 के साथ भारत ने खेल क्षेत्र में एक बहुत बड़ा मोड़ लिया है। अगस्त 2025 के पहले हफ्ते में, संसद ने दो महत्वपूर्ण बिल पास किए —

  • National Sports Governance Bill, 2025 और
  • National Anti-Doping (Amendment) Bill, 2025

ये सुधार सिर्फ कागज़ पर नहीं हैं, बल्कि असल में खिलाड़ियों और खेल संस्थाओं के बीच पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्व-स्तरीय संचालन का रास्ता खोल रहे हैं।

Lok Sabha में पास हुए दो बिल — क्या बोले मंत्री?

  • 11 अगस्त 2025 को Lok Sabha ने बिना खास विरोध के ये दोनों बिल पास कर दिए। Youth Affairs & Sports मंत्री मानसुख मंडविया ने इसे “स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा खेल सुधार” बताया।
  • इस दौरान विपक्ष ने बिहार के चुनावी रोल्स को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन बिल पास होने से सवालों पर चुप्पी छा गई।

Rajya Sabha की मंजूरी और आगे की राह

  • इसके अगले दिन, 12 अगस्त 2025 को Rajya Sabha ने भी इन बिलों को मंजूरी दी।
  • अब दोनों बिल राष्ट्रपति की मंजूरी (presidential assent) के इंतज़ार में हैं — जैसे ही हो जाए, ये एक्ट्स बन जाएंगे।

National Sports Governance Bill 2025 — क्या है इसमें खास?

  1. National Sports Board (NSB) का गठन

एक ऐसा बोर्ड बनेगा जो राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs), जैसे BCCI समेत, को मान्यता देगा और अगर वे चुनाव नहीं करवाते या फंड का गड़बड़ इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें de-recognise भी कर सकता है।

  1. National Sports Tribunal की शुरुआत

यह एक अदालत-सा संस्थान होगा — चुनाव, खिलाड़ी चयन, अन्य विवादों को लंबे वकीली चक्कर में फंसे बिना निपटाया जाएगा। Tribunal का निर्णय सिर्फ Supreme Court में चुनौती दी जा सकेगी।

  1. RTI की लागू कवरेज

अब वो खेल संस्थाएं जो सरकारी पैसा लेती हैं, वे RTI के तहत आयेंगी। BCCI को राहत दी गई — जब तक वे सरकारी सहायता पर निर्भर नहीं होते, RTI लागू नहीं होगा।

  1. उम्र सीमा में ढील

पूर्व में 70 साल की उम्र (age cap) थी, पर अब 75 साल तक के लोग चुनाव लड़ सकते हैं, अगर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की अनुमति हो।

National Anti-Doping (Amendment) Bill 2025 — क्या बदलाव?

  1. NADA की स्वायत्तता (autonomy)

WADA द्वारा सरकार-प्रवृत्त हस्तक्षेप पर आपत्ति जताए जाने के बाद, नया बिल NADA को संचालन संबंधी निर्णयों में पूर्ण स्वतंत्रता देता है।

  1. Board के नियंत्रण में कटौती

पहले जो National Board for Anti-Doping था, वह अब केवल सलाहकारी रहेगा, NADA पर कोई नियंत्रण नहीं देगा।

  1. CAS (Court of Arbitration for Sport) तक अपील सीमित व्यक्तियों द्वारा

अब केवल WADA, IOC, IPC, अंतरराष्ट्रीय महासंघ आदि ही CAS में अपील कर सकेंगे। खिलाड़ी सीधे CAS जा सकता है यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर के केस हों।

  1. WADA-आधारित नियमों को कानूनी मान्यता

  • “where abouts failure” जैसी परिभाषाएँ अब World Anti-Doping Code से ली जाएँगी।
  • भारत में लैब्स को WADA-अधीकृत होना अनिवार्य रहेगा।
  • NADA को adverse test reports में WADA मानकों के पालन की जांच करनी होगी।

Khel Vidheyak 2025: क्यों अहम है ये सुधार?

  • Transparency & Accountability: NSB, Tribunal, RTI— सब कुछ जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए।
  • Athlete-Centered System: NADA की autonomy से खिलाड़ियों को fair treatment मिलेगा, बिना राजनीतिक दखल के।
  • 2036 Olympics का रोडमैप: ये बदलाव भारत को 2036 में Olympics की मेजबानी के लिए मज़बूत स्थिति में ले जा रहे हैं।
  • BCCI जैसे संस्थानों को नया दायरा: BCCI को मान्यता चाहिए और फंडिंग प्राप्त करनी है? तो नियमों का पालन ज़रूरी — एक कदम fair governance की ओर।

 

NADA अब पूरी तरह खुद की रफ्तार से चलेगा। WADA ने कहा, “भाई, हमें interference पसंद नहीं,” तो सरकार ने मान लिया। अब किसी राजनीतिक प्रेसर से लेकर federation के दवाब तक, NADA अपना काम शांति से करेगा।

और सोचिए, जैसे जैसे Khel Vidheyak 2025 लागू होगा, वैसे वैसे गांव-देहात में भी awareness बढ़ेगी— खासकर doping को लेकर। Sudha Murty ने कहा भी ये जरूरी है — rural regions में जागरूकता कैंप… जो जोड़ता है grassroots से elite performance को।

Khel Vidheyak 2025 एक गेम-चेंजर है — खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्वायत्तता का रास्ता खोल रहा है। चाहे BCCI हो या राज्य-स्तरीय फेडरेशन, सब के लिए नियम स्पष्ट हो चुके हैं। NADA की क्षमता बढ़ाई जा रही है, Tribunal से players को त्वरित न्याय मिलेगा, और भारत की 2036 Olympics की तैयारी को कानूनी मजबूत नींव मिल गई है।

फिलहाल ये बिल राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतज़ार कर रहे हैं— लेकिन जैसे ही एक्ट बनेंगे, भारत की sports governance का landscape पूरी तरह बदल जाएगा।


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