बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरे मैच का आख़िरी दिन। गाबा का ऐतिहासिक मैदान। मैच अब ड्रा की तरफ जा रहा है। कैमरा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम पर फोकस है, लगातार, क्लोजिंग शॉट में। शीशे के भीतर ड्रेसिंग रूम में झाँकता कैमरा। सामने विराट कोहली और की हल्की धुंधली तस्वीर। दोनों एक-दूसरे से बेहद ही नज़दीक बैठे हैं। रविचंद्रन अश्विन अपनी सफ़ेद जर्सी के ऊपर वाटर बॉय वाली हल्की हरी जर्सी पहने हुए हैं।
अश्विन लगातार कुछ बोल रहे हैं। उनका चेहरा बेहद ही गम्भीर है। विराट उन्हें सुन रहे हैं, उनका भी चेहरा गम्भीर बना हुआ है। अश्विन बोलते-बोलते अचानक अपनी उँगलियों से अपने आँसुओं को पोछने लगते हैं। विराट उन्हें बैठे-बैठे ही गले लगा लेते हैं। फिर, विराट अश्विन की पीठ थपथपाते हैं। कैमरा वापस फिर से गाबा की पिच पर फोकस करता है। भारतीय स्टार स्पिन गेंदबाज और आल राउंडर के रिटायर्मेंट की बात जब भी उठेगी तब इस दृश्य को ज़रूर याद किया जाएगा।
रविचंद्रन अश्विन ने कहा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा
रविचंद्रन अश्विन ने 18 दिसंबर को गाबा के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान पर चल रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टेस्ट मैच के पाँचवें दिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। वे अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अलविदा हो गए हैं। क्रिकेट जगत अश्विन के इस फैसले से भावुक नज़र आ रहा है। ख़ास कर भारतीय क्रिकेट फैन्स।
अश्विन के इस तरह से रिटायर्मेंट के फैसले ने सभी को एक तरह से चौंकाने का काम किया है। इसके पीछे एक कारण तो अश्विन का अब तक क्रिकेट में रहा परफॉरमेंस है और दूसरा रविचंद्रन अश्विन उन क्रिकेटरों में से रहे हैं जिनके चयन पर लोगों के बीच उतना विवाद नहीं खड़ा हुआ है। इसके पीछे का कारण है इनका निरंतर परफॉरमेंस देना।
कैसी रही है रविचंद्रन अश्विन के क्रिकेट करियर की यात्रा?
17 सितंबर, 1986 को मद्रास में जन्मे रविचंद्रन अश्विन ने प्रथम श्रेणी के क्रिकेट की शुरुआत 2006 में तमिलनाडु से की थी। इन्होंने तमिलनाडु स्टेट क्रिकेट टीम की कप्तानी भी की। रविचंद्रन अश्विन ने बीटेक की भी डिग्री ली हुई है। अश्विन ने वन-डे क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ 5 जून, 2010 को डेब्यू किया। अपने पहले वन-डे मैच में ही अश्विन ने 38 गेंदों में कुल 32 रन बनाए और साथ में 2 विकेट भी लिया। जहाँ तक T-20 की बात है, इन्होंने एक सप्ताह बाद ही जिम्बावे के खिलाफ अपना डेब्यू किया।
रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू वेस्ट इंडीज के खिलाफ 2011 में किया। इन्हें सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट कैप भेंट की। टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से ही अश्विन का क्रिकेट करियर लगातार आगे बढ़ता रहा। इसके बाद इन्होंने कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। अश्विन मैच के दौरान माइंड-गेम का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रसिद्द हैं। अपने माइंड-गेम से भी अश्विन ने कई बार बल्लेबाजों को अपने जाल में फंसाया है। अश्विन ने अपना ipl डेब्यू 2009 में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम के साथ किया। ipl में भी अश्विन का सफ़र शानदार रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स ने अश्विन को 2025 के ipl के लिए 9.75 करोड़ में खरीदा है।
कैसा रहा अश्विन का अंतर्राष्ट्रीय करियर?
अश्विन का अंतर्राष्ट्रीय करियर शानदार रहा है। अश्विन ने अंतर्राष्ट्रीय करियर में कई रिकार्ड्स अपने नाम किए हैं। अश्विन ने कुल 116 वन-डे खेलते हुए कुल 156 विकेट लिए। जबकि 106 टेस्ट मैच खेलते हुए 24 के शानदार औसत से 537 विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में अश्विन ने कुल 37 बार एक मैच में पांच विकेट लिए हैं। बताते चलें कि टेस्ट में अश्विन के नाम 6 शतक भी शामिल हैं। वहीं 65 T-20 खेलते हुए इन्होंने 72 विकेट चटकाए। अश्विन ने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से भारतीय टीम को कई बड़े महत्त्वपूर्ण मैच जिताए हैं। अश्विन अपने इस परफॉरमेंस के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।

