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भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट के बाद भारतीय टेस्ट टीम में हो सकते हैं बड़े उलट-फेर

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बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का आख़िरी टेस्ट मैच (भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट) सिडनी में खेला जा रहा है। अभी तक हुए कुल 4 मैचों में ऑस्ट्रेलिया 2-1 से सीरीज में बढ़ता बनायी हुई है। पहले टेस्ट को अगर छोड़ दें तो अब तक इस श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया का ही दबदबा कायम रहा है। सीरीज को बचाने के लिए भारत को सिडनी में चल रहे आख़िरी टेस्ट मैच को किसी भी सूरत में जितना होगा। हालांकि, इसके बाद भी इस बात की बहुत कम संभावना बची है कि भारत अब ICC world test Championship के फाइनल में जगह बना पाए।

बताते चलें कि दक्षिण अफ्रीका ने पहले ही ICC world test Championship के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जबकि फाइनल में पहुँचने वाली दूसरी टीम की रेस में ऑस्ट्रेलिया दूसरे पायदान पर बना हुआ है। भारत इस रेस में तीसरे नंबर पर है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट- सिडनी टेस्ट के बाद क्या रोहित करेंगे सन्यास की घोषणा?

सिडनी टेस्ट में रोहित नहीं खेल रहे हैं। अभी तक यह बात कहीं से भी कन्फर्म नहीं हो पाई है कि इस आख़िरी टेस्ट मैच से ख़ुद रोहित ने अपने आप को बाहर रखने का फैसला किया है या फिर कोच और चयनकर्ता ने रोहित के ख़राब प्रदर्शन को देखते हुए उनकी जगह शुभमन गिल को प्राथमिकता दी है। सुनील गावस्कर ने हालांकि मैच के दौरान कमेंट्री करते हुए यह कहा कि हो सकता है कि मेलबर्न में खेला हुआ टेस्ट रोहित शर्मा का आखिरी टेस्ट मैच साबित हो। हो सकता है अब हम रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में दोबारा नहीं देख पाएं।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट

इसके अलावा सुनील गावस्कर ने इस बात का भी अंदाजा लगाया है कि रोहित को आख़िरी टेस्ट से बाहर रखने का फैसला चयनकर्ता की तरफ से ही आया हो।अगर आखिरी टेस्ट भारत हार जाता है तब इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि रोहित शर्मा दोबारा टेस्ट टीम की कप्तानी नहीं कर पाएंगे। BCCI अब कोई और रास्ता ही अपनाएगी।

 

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अगर भारत सिडनी में हो रहे आख़िरी टेस्ट को जीत लेती है और इस प्रकार वह बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को हारने से टीम को बचा लेती है तो यह पैटर्न साफ तौर पर दिखाई देगा कि 5 मैचों में से बुमराह की कप्तानी में खेले गए 2 मैच में भारत को जीत मिली जबकि रोहित शर्मा की कप्तानी में खेले गए 3 मैचों में से 2 में हार जबकि एक मैच ड्रा रहा। ऐसे में  BCCI पर यह दवाब रहेगा कि टेस्ट टीम की कप्तानी बुमराह के हाथों में दी जाए।

क्या विराट कोहली फिर से संभालेंगे टेस्ट टीम की कप्तानी?

बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में विराट भले अपने बल्ले से अभी तक असफल रहे हैं। लेकिन, पूरे टूर्नामेंट में विराट कोहली को फील्ड पर मोर्चा सँभालते हुए देखा गया है। ख़ास कर बुमराह की कप्तानी में खेल रहे पहले टेस्ट मैच में विराट ने ही ज्यादातर फील्ड-प्लेसमेंट को संभाला। इसके अलावा विराट लगातार गेंदबाजों को भी सुझाव देते नज़र आए। कुछ मीडिया हाउस की तरफ से यह खबर आ रही है कि मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ऑस्ट्रेलिया में ही बने हुए हैं और वे इस श्रृंखला के बाद एक बार फिर से टेस्ट टीम की कप्तानी विराट के हाथों में सौंपने के लिए उनसे बातचीत कर रहे हैं।

अगर ऐसा होता है तो भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बहुत ही बड़ी खबर बनने वाली है। विराट अपनी आक्रामक कप्तानी के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही विराट भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल कप्तान भी माने जाते हैं। विराट की कप्तानी में भारत ने कुल 68 टेस्ट मैचों में से 40 मैच जीते हैं जबकि सिर्फ 17 में हार का सामना करना पड़ा है और 11 मैच ड्रा रहे हैं। इसमें जीत का प्रति शत  58.82 रहा है।   

 


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